किरायानामा क्या है इसकी क्या प्रकिया है।
Technical G.K.

किरायानामा क्या है इसकी क्या प्रकिया है।

नमस्कार दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है। आज हम जानेंगे किरायानामा क्या है क्या है इसकी प्रकिया जब कोई व्यक्ति किराए पर कोई वस्तु लेते समय किराए पर देने और लेने वाले व्यक्ति के बीच में कुछ समझौता होता है।

पहले यह समझौता जुबानी तौर पर हो जाया करता था। क्योंकि तब लोगों के बीच में काफी ज्यादा मेल भाव होता था। लेकिन आज के आधुनिक युग में लोगों की बढ़ती चालाकी से अब यह सब प्रक्रिया कानूनी तौर पर पूरी की जाती है।

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अक्सर लोग किराए पर मकान लेते समय रेंट एग्रीमेंट, किरायानामा तो बनाते हैं। लेकिन उस में लिखी बातों पर ध्यान नहीं देते हैं। जिसके कारण उन्हें भविष्य में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे कि आपको रेंट एग्रीमेंट, किरायानामा बनाते समय कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

यदि आप भी कोई मकान अथवा प्रॉपर्टी किसी व्यक्ति को किराए पर दे रहे हैं। या किसी व्यक्ति से किराए पर ले रहे हैं। तो आपको कानूनी तौर पर रेंट एग्रीमेंट , किरायानामा बनवाना होगा। ताकि आप भविष्य में किसी प्रकार की समस्याओं और विवादों से बचे रहें। और रेंट पर लिए गए मकान और प्रॉपर्टी का सही तरीके से उपयोग कर सके।

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लिखित रूप में सभी नियम और शर्तों पर सहमत होने के पश्चात किराएदार और मकान मालिक के बीच में किसी प्रकार असमंजस नहीं रह जाता है। इसके साथ ही यदि भविष्य में मकान मालिक द्वारा या किराएदार द्वारा किसी प्रकार के बदलाव करने हैं। तो इसके लिए उसे 30 दिन पहले नोटिस देना होता है।

स्टांप पेपर एक्ट के अनुसार किसी भी प्रकार के जनरल एग्रीमेंट को ₹100 के स्टांप पेपर पर ही बनवाना चाहिए।
किरायानामा पर यह साफ तौर पर लिखा होना चाहिए। कि कौन सी प्रॉपर्टी आप कितने समय के लिए रेंट पर ले रहे हैं। और किरायानामा आपका किस दिन से किस तारीख को बनाया जा रहा है।

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इसके साथ ही कोई भी रेंट एग्रीमेंट, किरायानामा बिना गवाहों के पूरा नहीं माना जाता है। इसलिए इसके साथ दो गवाह भी होने आवश्यक है। किरायानामा पर मकान मालिक और किराएदार दोनों का नाम पता साफ-साफ लिखा होना चाहिए।

मकान मालिक द्वारा घर खाली कराने या किराएदार द्वारा घर छोड़ने से 1 महीने पहले लीगल नोटिस देना भी आवश्यक है। इसलिए किरायानामा पर यह भी लिखा जाना चाहिए। कि कितने समय पहले लीगल नोटिस दिया जाना चाहिए।
कितने समय में कितने प्रतिशत किराया बढ़ाया जाएगा। इसका भी उल्लेख एग्रीमेंट , किरायानामा में होना आवश्यक है।

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